आयुर्वेद में शतावरी का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। घर की बड़ी-बुज़ुर्ग महिलाएँ पीढ़ियों से इसे स्त्री स्वास्थ्य की साथी मानती आई हैं। शास्त्रों में इसे रसायन औषधि माना गया है, यानी शरीर को पोषण और ताज़गी देने वाली जड़ी। इस लेख में जानिए कि शतावरी क्या है, इसका पारंपरिक उपयोग क्या है, यह किन रूपों में मिलती है और इसे लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखें।
शतावरी क्या है?
शतावरी (Asparagus racemosus) एक बेलनुमा पौधा है जो भारत भर में पाया जाता है। आयुर्वेद में इसकी गूदेदार जड़ों का इस्तेमाल होता है, जिन्हें सुखाकर चूर्ण या दूसरे रूपों में तैयार किया जाता है। इसका स्वाद मधुर और हल्का कड़वा, तासीर ठंडी और गुण भारी व स्निग्ध माना गया है। परंपरा में इसे वात और पित्त को संतुलित करने वाला बताया गया है।
महिलाओं के लिए शतावरी के पारंपरिक उपयोग
आयुर्वेद में शतावरी का पारंपरिक रूप से इन कामों में उपयोग होता आया है:
- सम्पूर्ण स्त्री स्वास्थ्य और ताक़त के लिए रसायन टॉनिक के रूप में
- मासिक चक्र और जीवन के बदलते दौर में प्रजनन तंत्र को सहारा देने के लिए
- नई माँ में स्तनपान को सहारा – यह उपयोग शास्त्रों में भी वर्णित है
- शरीर में अंदरूनी गर्मी या पित्त बढ़ने पर ठंडक देने के लिए
- पाचन को आराम देने के लिए, क्योंकि इसकी तासीर शीतल है
ये सभी पारंपरिक उपयोग हैं। शतावरी डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं है, और किसी भी बीमारी में इसे वैद्य की सलाह के बिना न लें।
शतावरी किन रूपों में मिलती है?
| रूप | आम तौर पर कैसे लेते हैं | Ayubazar पर उदाहरण |
|---|---|---|
| चूर्ण | गुनगुने दूध या पानी के साथ | Shree Akshar Shatavari Churna |
| टैबलेट | पानी के साथ | Himalaya Shatavari Tablets |
| कल्प / ग्रैन्यूल्स | दूध में मिलाकर | Dhootapapeshwar Shatavari Kalpa (Chocolate) |
| घृत (औषधीय घी) | थोड़ी मात्रा में, वैद्य की सलाह से | सभी शतावरी उत्पाद |
शतावरी लेने का तरीका
- पैक पर लिखी मात्रा या वैद्य की सलाह मानें। मात्रा रूप, ब्रांड और आपकी प्रकृति पर निर्भर करती है।
- गुनगुना दूध सबसे पारंपरिक अनुपान है। चूर्ण और कल्प आम तौर पर दूध के साथ लिए जाते हैं।
- नियमित रहें। रसायन जड़ी-बूटियाँ परंपरा से कुछ हफ़्तों तक लगातार ली जाती हैं।
- शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। कोई तकलीफ़ हो तो सेवन रोकें और डॉक्टर से मिलें।
किन्हें सावधानी रखनी चाहिए
गर्भावस्था, गर्भ धारण की योजना या स्तनपान के दौरान, हार्मोन से जुड़ी किसी समस्या, किडनी की तकलीफ़, शतावरी से एलर्जी या नियमित दवाइयाँ चल रही हों, तो शतावरी लेने से पहले डॉक्टर या वैद्य से ज़रूर पूछें। इसकी तासीर भारी और ठंडी है, इसलिए कमज़ोर पाचन या ज़्यादा कफ वाले लोगों को सलाह लेकर ही लेना चाहिए।
शतावरी की ऑनलाइन कीमत
Ayubazar पर शतावरी चूर्ण का छोटा पैक लगभग ₹85 से शुरू होता है, टैबलेट लगभग ₹100–₹270 में और 350 ग्राम कल्प लगभग ₹289 में मिलता है (2 नवंबर 2026 की कीमतें; ताज़ा कीमत उत्पाद पेज पर देखें)। यहाँ Himalaya, Dhootapapeshwar, Shree Akshar, Zandu, Nagarjun जैसे कई ब्रांड की शतावरी एक ही जगह उपलब्ध है।
Ayubazar से शतावरी ऑनलाइन खरीदें
Ayubazar की जड़ें 1997 से राजकोट की नारायणी फार्मेसी में हैं, और 2017 से हम ऑनलाइन हैं। ₹499 से अधिक के ऑर्डर पर फ़्री शिपिंग और कैश ऑन डिलीवरी उपलब्ध है। हम पूरे भारत में डिलीवरी करते हैं: गुजरात में 1–3 कार्यदिवस और अन्य राज्यों में 5–7 कार्यदिवस (दूरदराज़ इलाकों में 10 दिन तक)। शाम 6 बजे (IST) से पहले किए गए ऑर्डर उसी दिन भेज दिए जाते हैं। विदेश से ऑर्डर के लिए WhatsApp करें: +91 94285 60666।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शतावरी सिर्फ़ महिलाओं के लिए है?
यह स्त्री स्वास्थ्य के लिए सबसे ज़्यादा जानी जाती है, लेकिन आयुर्वेद में पुरुषों के लिए भी इसे रसायन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अपने लिए सही जड़ी वैद्य से पूछें।
क्या शतावरी दूध के साथ ले सकते हैं?
हाँ, गुनगुना दूध इसका पारंपरिक अनुपान है। मात्रा पैक के अनुसार रखें।
क्या स्तनपान के दौरान शतावरी ले सकते हैं?
परंपरा में इसे स्तनपान के सहारे के लिए लिया जाता रहा है, फिर भी इस दौरान कोई भी जड़ी-बूटी लेने से पहले डॉक्टर से ज़रूर पूछें।
असर दिखने में कितना समय लगता है?
यह हर व्यक्ति में अलग होता है। रसायन जड़ी-बूटियाँ आम तौर पर कुछ हफ़्तों तक ली जाती हैं; अवधि अपने वैद्य से तय करें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग की सामान्य जानकारी के लिए है, चिकित्सीय सलाह नहीं। कोई भी आयुर्वेदिक दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य वैद्य से सलाह लें।



